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नए साल में बदलेगा नौकरियों का ट्रेंड, ये रहेगी रिक्वायरमेंट

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दिल्ली। कोरोना महामारी ने न सिर्फ ऑफिस कल्चर बल्कि कंपनी और एचआर की जरूरतों को भी पूरी तरह बदल दिया है। साल 2021 में एक कंपनी की डिमांड वर्ष 2020 से अलग होगी क्योंकि कोरोना ने परंपरागत वर्क कल्चर को काफी बदल दिया है। कोरोना काल में लगे लॉकडाउन और अन्य पाबंदियों के बीच कर्मचारी घर से पूरी ऊर्जा और कुशलता के साथ काम कर सकें, यह सुनिश्चित करने में एचआर प्रोफेशनल्स ने अहम भूमिका अदा की। कर्मचारी कैसे घर से ही ऑफिस टीम के साथ जुड़े रहें और कैसे उन्हें प्रोत्साहित किया जाता रहे, इस संबंध में भी हर संभव प्रयास किए गए। अब वर्क फ्रॉम होम के इस नए माहौल में कर्मचारी भी ढलने लगे हैं। इस ट्रेंड ने एचआर व कंपनियों की आवश्यकताओं को बदला है और अब 2021 की जॉब मार्केट में यह साफ दिखाई देगा। यहां जानें 2021 एचआर अब किस तरह से भर्ती करने वाला है-
कंपनी में बढ़ेंगी इंटरनल जॉब
कोरोना के चलते आई मंदी के कारण अधिकांश कंपनियां वित्तीय संकट से जूझ रही हैं। पिछले छह-आठ महीनों में जबरदस्त छंटनियां, सैलरी कटौती, प्रमोशन व अप्रेजल का निरस्तीकरण देखने को मिला है। ऐसे में अब कंपनियों की प्राथमिकता न सिर्फ नुकसान से उबरना होगा, बल्कि वह भविष्य में ऐसी चुनौतियों को झेलने लायक बनने की तैयारी भी करेंगी। कंपनियां अब इंटरनल मोबिलिटी प्रोग्राम पर बल देंगी। अपने मौजूदा कर्मचारियों को अतिरिक्त ट्रेनिंग दिलाकर वह उनकी स्किल्स को बढ़ाएंगी ताकि मुश्किल समय में उनसे अन्य क्षेत्रों में भी काम लिया जा सके। इंटरनल जॉब के अवसर के समय ऐसे कर्मचारियों के लिए मौका होगा।
रिमोट वर्क मॉडल
कर्मचारियों का दूर रहकर ऑफिस के लिए काम करने की नई व्यवस्था एचआर के लिए सामान्य बन गई। नियुक्ति के दौरान व्यक्ति डिजिटली कितना मजबूत है और वह कितनी कुशलता के साथ ऑनलाइन मोर्चे पर काम कर सकता है, कंपनियों की प्राथमिकता हो गई है। वर्क्र फ्रॉम होम से अब वह कर्मचारियों से बेहतर ढंग से काम लेना चाह रही हैं। किफायत के लिए रिमोट वर्क कल्चर को गाइडलाइंस के साथ मजबूत किया जा रहा है। पर्सनल लाइफ और ऑफिस लाइफ में संतुलन बनाने की दिशा में ध्यान दिया जा रहा है।
नियोक्ता अपनी ब्रांडिंग रणनीति पर करेगा फोकस
एक्सपर्ट्स के मुताबिक कंपनियां अपनी ब्रांडिंग पर ज्यादा फोकस करेगी। भर्ती के समय मार्केट में उसकी प्रतिष्ठा काफी मायने रखती है इसलिए वह अपने कर्मचारियों को फील गुड करवाने पर ध्यान देगी। लिंक्डिन की एक रिपोर्ट के मुताबिक 63 फीसदी प्रतिभाशाली पेशेवरों का मानना है कि उनके नियोक्ता का ब्रांडिंग बजट या तो बढ़ेगा या समान रहेगा। इसके अलावा यह संभावना जताई जा रही है कि नियोक्ता अपने कर्मचारियों की सहायता के लिए कई कार्यक्रम चलाएगी और उनसे रिश्ता मजबूत करेगी।

 

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