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बिलासपुर की बंदला धार में राष्ट्रीय स्तरीय कहलूर पैराग्लाइडिंग एक्यूरेसी कप प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

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बिलासपुर। जिला बिलासपुर में साहासिक खेलों की आपार संभावनाओं को मध्य नजर रखते हुए युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे, पैराग्लाइडिंग जैसे साहसिक खेलों के माध्यम से भी जिला को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने व विश्व के मानचित्र पर अलग से पहचान दिलवाने की दिशा में भी कारगर कदम उठाए जा रहे हैं।यह बात बिलासपुर सदर विधायक सुभाष ठाकुर एवं चेयरमैन हिमाचल प्रदेश पैराग्लाइडिंग सोसायटी ने बंदला धार में राष्ट्रीय स्तरीय कहलूर पैराग्लाइडिंग एक्यूरेसी कप प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताओं के आयोजन से जहां एक और इस क्षेत्र को अलग पहचान मिली है पर्यटकों की आमद बढ़ेगी वहीं दूसरी ओर लोगों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में भी संबल मिलेगा।




उन्होंने कहा कि साहसिक खेलों को और अधिक मजबूती प्रदान करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर की भी प्रतियोगिताएं आयोजित करवाई जाएंगी, गोविंद सागर झील में जल क्रीड़ाओं को बढ़ाने के लिए जेटी स्कूटर्स, स्ट्रीमर व अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध करवाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।




उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों को स्वेच्छा से भूमि दान करने के लिए बधाई देते हुए कहा कि लोगों की दृढ़ इच्छा से ही बंदला धार में पैराग्लाइडिंग जैसे साहसिक खेलों के आयोजन का का सपना साकार हुआ है। प्रदेश सरकार का भी धन्यवाद करते हुए उन्होंने कहा कि इस स्थल को पैराग्लाइडिंग के लिए तकनीकी अप्रूवल प्रदान की गई। और अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर भी इस क्षेत्र को नई पहचान मिली है।




इस मौके पर मौजूद उपायुक्त रोहित जम्वाल ने कहा कि बंदला धार में पैराग्लाइडिंग उड़ान स्थल को विकसित करने के लिए ठोस कार्य योजना के तहत हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज के कॉरपोरेट्स सोशल रिस्पांसिबिलिटी के द्वारा सरफेस मैटिंग व उत्तम किस्म की घास लगवाने तथा इस स्थल को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए कार्य को जल्द ही अंजाम दिया जाएगा तथा अन्य मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जाएगी।




उन्होंने कहा कि फोरलेन सड़क मार्ग बनने के उपरांत यहां पर पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए अन्य साहसिक खेलों रॉक क्लाइमिंग, माउंटेन टेरेन बाइक किंग आदि खेलों की भी अपार संभावनाएं मौजूद हैं लिहाजा पर्यटकों के लिए 4 से 5 दिनों का पैकेज टूर विकसित करने की नितांत आवश्यकता है जिसके लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।




इस दौरान उन्हें मीडिया कर्मियों से आव्हान करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में साहसिक खेलों की अपार संभावनाओं को भी उजागर करने मैं अपना भरपूर सहयोग प्रदान करें।उन्होंने कहा कि यह एशिया का पहला स्थान है जहां पर एक्रोबैटिक खेल आयोजित करने के लिए प्राकृतिक तौर पर मूलभूत संसाधन उपलब्ध है।




इस दौरान हिमाचल पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के सचिव मनोज शर्मा ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए कहा कि बंदला धार की पैराग्लाइडिंग उड़ान स्थल पैराग्लाइडिंग के लिए बहुत ही उपयुक्त स्थल है इस प्रतियोगिता में 48 के करीब पैराग्लाइडर्स पायलट भाग ले रहे हैं जिसमें 4 महिला भी शामिल है।




इस मौके पर उपायुक्त की धर्मपत्नी झूंपा चटर्जी जमवाल, अतिरिक्त उपायुक्त बिलासपुर तोरुल रवीश, एसडीएम सदर रामेश्वर दास, भाजपा जिला महामंत्री आशीष ढिल्लो, मंडल अध्यक्ष युवा मोर्चा विनोद ठाकुर, हिमाचल पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के उपाध्यक्ष विशाल जस्सल महासचिव अतुल शर्मा व कोषाध्यक्ष पुनीत चंदेल, बंदला ग्राम पंचायत के प्रधान सतीश कुमार व अन्य ग्रामीण लोग भी मौजूद रहे।



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