बिलासपुर, चंबा, हमीरपुरहिमाचल

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अन्तर्गत 31 मार्च तक करवाएं पंजीकरण

बिलासपुर । मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डाॅ0 प्रकाश दरोच ने बताया कि आयुष्मान योजना के अन्तर्गत लगभग 38 हजार परिवारों का चयन किया गया था जिसके अंतर्गत लगभग सभी 2800 चयनित परिवारों के कार्ड बनाए जाने थे लेकिन विभाग के तमाम प्रयासों के बावजूद अभी तक 22 हजार परिवारों के कार्ड बनाए जा चुके है जबकी 6 हजार शेष बचे परिवारों के कार्ड बनाए जाने हैं। उन्होंने चयनित परिवारों से आग्रह किया  कि इस योजना का लाभ उठाने के लिए 31 मार्च तक अपना पंजीकरण करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत चयनित परिवारो को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज प्रदान किया जायेगा। यह सुविधा फैमिली प्लोटर आधार पर प्रदान की जायेगी अर्थात एक सदस्य या परिवार के सभी सदस्य योजना का लाभ ले सकते हैं और एक परिवार के लिए एक वर्ष में बीमा की राशि 5 लाख रुपये की होगी। उन्होंने बताया कि परिवार के सभी सदस्य इस योजना के तहत शामिल होने के पात्र हैं। इसमे कोई आयु सीमा निश्चित नहीं की गई हैं। इस स्कीम में लगभग 1800 उपचार प्रक्रियाएं कवर की जा रही हैं जिसमें डें-केयर सर्जरीज भी शमिल हैं। अस्पताल में भर्ती होने पर कैशलेस सेवा प्रदान की जाएगी। उपरोक्त स्वास्थ्य सुरक्षा केवल पंजीकृत हस्पताल में दाखिल होने की स्थिति में ही मिलेगी।



उन्होंने बताया कि योजना के अन्र्तगत भारत सरकार द्वारा सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना 2011 के आधार पर चयनित परिवारो को शामिल किया गया हैं(डी 1 से डी 7 श्रेणीयों, डी 6 के इलावा)। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के लाभार्थियो को भी इस योजना में शामिल किया गया हैं। उन्होंने बताया कि योजना के अन्र्तगत हिमाचल प्रदेश में 175 अस्पताल पंजीकृत हैं जिनमें 151 सरकारी और 24 निजी अस्पताल शामिल हैं। लाभार्थी इस योजना का लाभ पूरे देश में किसी भी पंजीकृत अस्पताल में प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए अस्पताल में भर्ती होने के समय लाभार्थी अपनी पुष्टि हेतू अनिवार्य दस्तावेज राशन कार्ड, आधार कार्ड ,राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना कार्ड तथा पंजीकृत मोबाइल नंबर को अपने साथ अस्पताल में लेकर अवश्य जाएं।



उन्होंने बताया कि अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में सबसे पहले लाभार्थी की पहचान एवं पंजीकरण भारत सरकार द्वारा बनाए गए सॉफ्टवेयर से किया जाएगा, जिससे पता चलेगा कि लाभार्थी पात्र हैं या  नहीं। इसकी पुष्टि उस व्यक्ति के आधार कार्ड, राशन कार्ड, राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना कार्ड, पंजीकृत मोबाइल नंबर इत्यादि के माध्यम से की जाएगी। लाभार्थी की पुष्टि के बाद उन्हे ई-कार्ड प्रदान किया जायेगा। इसके बाद अस्पताल द्वारा पैकेज का चयन किया जाऐगा और साथ ही कार्ड मे बची हुई राशि की जांच की जाएगी और फिर उन्हें इलाज के लिए जरुरी सहायक दस्तावेज भी जमा करने होगे। उन्होंने बताया कि यह प्रकिया पूरी हो जाने के बाद उस मरीज को अस्पताल में ईलाज प्रदान किया जायेगा। छुट्टी के समय लाभार्थी को डिस्वार्ज समरी के दस्तावेज प्रधान मंत्री जन आरोग्य मित्र को दिखाने आवश्यक होंगे ताकि क्लेम की प्रक्रिया पूरी की जा सके। उन्होंने बताया कि अधिक जानकारी हेतू अपने गांव की आशा अथवा स्वास्थ्य कार्यकर्ता से सम्पर्क करें।


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