शिमला, मंडी, लाहौल-स्पीतिहिमाचल

मनरेगा के तहत 198 करोड़ रुपये की राशि व्यय

खबर को सुनें
मंडी ।  मंडी जिला में मनरेगा के अंतर्गत अब तक इस वित्त वर्ष में 198करोड़ रुपये खर्च करके 74 लाख कार्य दिवस अर्जित किए गए हैं । यह जानकारी उपायुक् ऋग्वेद ठाकुर ने बुधवार को उपायुक्त कार्यालय सभागार में खंड विकास अधिकारियोंके साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी । उन्होंने कहा कि सभी विकास खंडों में नए चुने हुए पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों के लिए 6 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रमआयोजित किए जाएंगे। यह कार्यक्रम 22 फरवरी से आरंभ होंगे।  उन्होंने खंड विकास अधिकारियों को प्रशिक्षण कार्यक्रमपर विशेष ध्यान देने तथा वित्तिय मामलों के बारे में अधिक से अधिकजानकारी प्रदान करने को कहा ताकि नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र में नए विकासकार्या को अमलीजामा पहना सकें। उन्होंने सफलता की कहानियों के माध्यम से विकासकार्यों बारे जानकारी प्रदान करने को भी कहा।



पर्वतधारा योजना 

उन्होंने बताया कि जिला में चरणबद्ध तरीके से पर्वतधारा योजना लागू की गई है। अभी दो विकास खंडों धर्मपुर व सराज में पर्वत धारा योजना आरंभ की गई है, जिसके तहत जल शक्ति विभाग के माध्यम से 1-1लाख लीटर क्षमता के वर्षा जल संग्रहण टैंक बनाए जाएंगे, जिनका उपयोग कृषि,बागवानी तथा मत्स्य पालन के कार्यों के लिए किया जाएगा । उन्होंने बताया कि जिला में पिछले तीन वर्षोमें मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पात्र व्यक्तियों को 622 मकान स्वीकृत किए गए हैं ।राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिला में 14.60 करोड़ रुपये के क्रेडिटमोबलाईजेशन का प्रावधान है । जिला में 775 स्वयं सहायता समुहों का गठन किया गयाहै । उन्होंने खंड विकास अधिकारियों का आह्वान किया किवे स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रोत्साहित करें कि वे अपनी आर्थिक गतिविधियों को विस्तार दें, ताकि उनकी आर्थिकी सुदृढ़ हो सके । ताकि बनी रहे पारदर्शिता उपायुक्त ने बताया कि पंचायतों में विकास कार्यों में पारदर्शिता तय बनाने को कहा। निर्देश दिए कि ग्रामीण विकास विभाग द्वाराग्रामीण क्षेत्रों में जो भी धनराशि व्यय की जा रही है, उनके खर्च को लेकर सूचनाबोर्ड लगाए जाएं तथा बोर्डों पर विकास कार्यां का ब्यौरा व व्यय की गई धनराशि भी दर्शाएं ताकि पारदर्शिता बनी रहे । स्वच्छ भारत मिशन के अतिरिक्त उपायुक्त जतिन लाल ने बैठक में कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत जल शक्ति विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों की अर्ध शहरी 16 ग्रामपंचायतों में मल निकासी योजनाएं बनाई जाएंगी। इनमें से 4 ग्राम पंचायतें अब नगरनिगम में आ गई है जबकि 12 पंचायतों में जल शक्ति विभाग दो माह में डीपीआर तैयार करेगा । इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन में प्रत्येक विकास खंड में चार सामुदायिक शौचालय बनाए जाएंगे, जिस पर सवा करोड़ से अधिक की राशि खर्च की जाएगी । प्लास्टिक कचरा प्रबंधन के लिए प्रत्येक विकास खंड में स्वच्छ भारत मिशन के तहत एक-एक मशीन लगाई जायेगी तथा शैड बनाया जायेगा, जिसमें प्लास्टिक वेस्ट का प्रबंधन किया जायेगा । बैठक में परियोजना अधिकारी, ग्रामीण विकास विभागनवीन शर्मा ने ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जिला में चलाई जा रही गतिविधियों का ब्यौरा दिया । बैठक में जिला पंचायत अधिकारी हरी सिंह ठाकुर सहित सभी खंड विकास अधिकारी व जल शक्ति विभाग के अधिकारी उपस्थित थे ।</div


Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button