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इस योजना के अंतर्गत शिमला में 145 करोड़ 57 लाख रुपये के बजट का है प्रावधान

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शिमला। अनुसूचित जाति विकास योजना के अंतर्गत चालू वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान जिला को 145 करोड़ 57 लाख रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है, जिसके अंतर्गत तृतीय त्रैमास के अंत माह दिसम्बर, 2020 तक जिला में सम्बद्ध विभागों द्वारा 45 करोड़ 95 लाख से अधिक की राशि व्यय की जा चुकी है। यह जानकारी आज शहरी विकास, आवास, नगर नियोजन, विधि, संसदीय कार्य एवं सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज ने अनुसूचित जाति उप-योजना की जिला स्तरीय मूल्यांकन एवं समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी।उन्होंने बताया कि अभी तक कुल व्यय प्रतिशतता 31.57 रही है तथा केन्द्रीय प्रायोजित कार्यक्रम के अंतर्गत जिला के लिए 15 करोड़ 94 लाख 70 हजार रुपये का बजट प्रावधान है, जिसके तहत तृतीय त्रैमास के अंत माह दिसम्बर, 2020 तक जिला के सम्बद्ध विभागों द्वारा 2 करोड़ 40 लाख रुपये से अधिक की राशि व्यय की गई है।

अनुसूचित जाति की 40 प्रतिशत से अधिक आबादी वाले क्षेत्रों में मिलती है ये सुविधाएं

उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति उप-योजना के तहत किए गए बजट प्रावधान को दिशा-निर्देशों के मुताबिक अनुसूचित बाहुल क्षेत्रों में ही खर्च करे ताकि उसका ज्यादा से ज्यादा लाभ अनुसूचित जाति बाहुल क्षेत्रों को प्राप्त हो सके और उनका उत्थान सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति की 40 प्रतिशत से अधिक आबादी वाले क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य, खेल, सिंचाई, पेयजल, भवन निर्माण, शिक्षा आदि क्षेत्रों में विभिन्न योजनाओं के तहत बजट का आबंटन किया जाता है।उन्होंने बताया कि अधिकांश विभागों ने कोविड-19 के बावजूद आबंटित बजट को खर्च कर कार्य को पूर्ण किया गया है। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को आदेश दिए कि 31 मार्च, 2021 तक विभाग के तहत लम्बित कार्यों को पूर्ण कर विस्तृत ब्यौरा तहसील कल्याण अधिकारी को भेजना सुनिश्चित करें।



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इसी घटक के तहत शहरी क्षेत्रों के विकास के लिए बजट का प्रावधान किया जाता है जो शहरी विकास विभाग द्वारा विकास कार्यों के लिए शहरी निकायों को आबंटित किया जाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा हर वर्ग के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए तत्पर है।उन्होंने शहरी नियोजन विभाग के अधिकारियों से आह्वान किया कि शहरी क्षेत्रों में उपेक्षित वर्गों के भवन निर्माण कार्यों में आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए प्रयास करें ताकि निर्धन वर्ग को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।उन्होंने जिला के समस्त विधायकों से आह्वान किया कि आगामी बैठकों में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाएं जिससे कि उनके क्षेत्रों के लोगों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके और उनके जीवन स्तर में सुधार लाया जा सके।इस अवसर पर मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत 14 ग्रावों को स्वीकृति प्रदान की गई।बैठक में समस्त विभाग अध्यक्षों द्वारा विभाग के तहत चल रहे कार्यों का विस्तृत ब्यौरा पेश किया।

 


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