हिमाचल

नलवाड़ी मेले को दिया जाएगा नया स्वरूप

बिलासपुर । उपायुक्त एवं अध्यक्ष राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला के दिशानिर्देशानुसार व मार्गदर्शन से कहलूर काॅर्नर को मेले का आकर्षण बनाया जाएगा और मेले को नया स्वरूप देने के लिए लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इसी कड़ी में राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला में कहलूर काॅर्नर लगाने संबंधी उप-समिति की बैठक का आयोजन भाषा एवं संस्कृति विभाग के सभागार में राज्य प्रशासनिक सेवा परीविक्षाधीन ओशिन शर्मा की अध्यक्षता में हुई।



बैठक में नलवाड़ी मेले के दौरान कहलूर काॅर्नर में बिलासपुर के पारंपरिक फोटोग्राफ, जिला के वीर सपूतों, स्वतंत्रता सेनानियों के पराक्रम की कहानियों, बिलासपुर की विकास गाथा, दुर्लभ फोटोग्राफ, लोक वाद्ययंत्र, पारंपरिक परिधान व आभूषणों व अन्य प्राचीन वस्तुओं का संग्रहण कर प्रदर्शन किया जाएगा तथा कहलूर काॅर्नर के लिए मिट्टी के पुराने बर्तन, सिक्कें, मूर्तियों व विकास गाथा को भी प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त जलमग्न मंदिरों के छायाचित्र व अन्य पुरातन सामग्री इकट्ठा करने के लिए उप-समिति के सरकारी व गैर सरकारी सदस्यों के साथ विस्तृत चर्चा की गई।



इस अवसर पर सेवानिवृत्त जिला भाषा अधिकारी डाॅ. अनिता शर्मा, साहित्यकार कुलदीप चंदेल, जिला लोक सम्पर्क अधिकारी कुलदीप गुलेरिया, जिला भाषा अधिकारी रेवती सैनी इत्यादि ने भी कहलूर काॅर्नर को नया स्वरूप देने के लिए अपने बहुमूल्य सुझाव रखें। बैठक में समिति के सदस्यों द्वारा लोगों से आग्रह किया गया कि घरों में पड़ी पुरातन वस्तुएं, मूर्तियां, ड्रैस, आभूषण, दुर्लभ छायाचित्र आदि कहलूर काॅर्नर को स्थापित करने के लिए अपना-अपना योगदान करें। लोगों द्वारा दी गई सभी वस्तुओं को सुरक्षित रखा जाएगा तथा मेले के बाद उन्हें आभारस्वरूप वापिस कर दिया जाएगा।



ओशिन शर्मा ने कहा कि कहलूर काॅर्नर में दुर्लभ व पुरातन वस्तुओं का प्रदर्शन कर युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति व धरोहर से रूबरू कर भागी पीढ़ी का ज्ञानवर्धन किया जाएगा ताकि लोक संस्कृति का संरक्षण व संवर्धन किया जा सके। उन्होंने बताया कि इन सभी पुरातन व दुर्लभ वस्तुओं को देने के लिए जिला भाषा अधिकारी कार्यालय से सम्पर्क कर अपना मूल्यवान योगदान कर सकते है।

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